एटीएम से लेकर फेस रिकॉग्निशन तक: अब डेबिट कार्ड और यूपीआई पिन बनाना हुआ और भी आसान और सुरक्षित
डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में, वित्तीय लेनदेन को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए लगातार नए बदलाव किए जा रहे हैं। अब बैंक डेबिट कार्ड का पिन डाक या कूरियर से भेजने की पुरानी प्रथा को छोड़कर ग्राहकों को सीधे एटीएम से पिन जनरेट करने की सुविधा दे रहे हैं। वहीं, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने यूपीआई (UPI) को और भी सुरक्षित और आसान बनाते हुए पिन रीसेट करने के लिए फेस रिकॉग्निशन जैसी अत्याधुनिक तकनीक पेश की है।
क्या है ‘ग्रीन पिन’ और एटीएम से कैसे बनाएं?
अब जब आप कोई नया बैंक खाता खोलते हैं, तो बैंक आपके पते पर सिर्फ डेबिट कार्ड भेजता है, पिन नंबर नहीं। ऐसा सुरक्षा कारणों से किया जाता है, क्योंकि डाक से भेजे गए पिन के गलत हाथों में पड़ने का खतरा बना रहता था। इसी समस्या को दूर करने और कागज की बचत करने के लिए “ग्रीन पिन” की सुविधा शुरू की गई है। ग्रीन पिन वह पिन है जिसे ग्राहक खुद एटीएम मशीन की मदद से जनरेट करते हैं।
पिन जनरेट करने की प्रक्रिया लगभग सभी बैंकों में एक जैसी और काफी सरल है:
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सबसे पहले अपने बैंक के एटीएम में डेबिट कार्ड डालें।
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स्क्रीन पर दिख रहे विकल्पों में से ‘पिन जेनरेशन’ या ‘क्रिएट पिन’ चुनें।
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इसके बाद, आपसे अपना बैंक खाता नंबर और बैंक के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर दर्ज करने के लिए कहा जाएगा।
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जानकारी कन्फर्म करने के बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) आएगा।
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इस ओटीपी को एटीएम मशीन में दर्ज करें।
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अब आपको अपनी पसंद का चार या छह अंकों का नया पिन बनाने का विकल्प मिलेगा।
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पिन को दोबारा डालकर कन्फर्म करें। इसके तुरंत बाद आपका पिन सफलतापूर्वक बन जाएगा और आप लेनदेन शुरू कर सकते हैं।
पिन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
एटीएम से पिन जनरेट करते समय कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं। सुनिश्चित करें कि जब आप पिन बना रहे हों तो आपके आसपास कोई और व्यक्ति मौजूद न हो। अगर आप पहली बार पिन बना रहे हैं, तो आपको उसी बैंक के एटीएम का उपयोग करना होगा जिसमें आपका खाता है। अपना पिन हमेशा ऐसा बनाएं जिसका अनुमान लगाना मुश्किल हो और उसे कभी भी अपने डेबिट कार्ड पर या कहीं और लिखकर न रखें।
यूपीआई की नई पहल: अब बिना डेबिट कार्ड के चेहरे से सेट करें पिन
जिन लोगों को अपना यूपीआई पिन याद रखने में मुश्किल होती है या जो पिन भूल जाने पर डेबिट कार्ड न होने के कारण परेशान होते हैं, उनके लिए भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) एक क्रांतिकारी सुविधा लेकर आया है। अब उपयोगकर्ता अपने आधार से जुड़े बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ के जरिए अपना यूपीआई पिन सेट या रीसेट कर सकते हैं।
पहले यूपीआई पिन बदलने या सेट करने के लिए डेबिट कार्ड विवरण और ओटीपी या फिर आधार ओटीपी की जरूरत पड़ती थी। लेकिन अब, इस नई सुविधा से आपको डेबिट कार्ड की कोई आवश्यकता नहीं होगी। यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए एक बड़ा कदम है जिनके पास तत्काल अपना एटीएम कार्ड उपलब्ध नहीं होता।
लेन-देन को और सुगम बनाने वाली अन्य सुविधाएं
फेस ऑथेंटिकेशन के अलावा, एनपीसीआई ने ‘ऑन-डिवाइस ऑथेंटिकेशन’ की भी शुरुआत की है। इस सुविधा के माध्यम से ग्राहक हर बार यूपीआई पिन डालने के बजाय अपने स्मार्टफोन के इन-बिल्ट सिक्योरिटी फीचर, जैसे फिंगरप्रिंट या फेस अनलॉक का उपयोग करके भी यूपीआई पेमेंट को प्रमाणित कर सकते हैं। यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगी जो इसे खुद चुनेंगे, जिससे उन्हें अपनी पसंद की प्रमाणीकरण विधि पर पूरा नियंत्रण मिलेगा। इन नई पहलों का उद्देश्य डिजिटल भुगतान को न केवल तेज, बल्कि पहले से कहीं ज्यादा सुरक्षित और ग्राहक-अनुकूल बनाना है।
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