June 2, 2020

राहुल गांधी से बात-चीत में मजदूरों ने अपना दर्द बयां करते हुए कहां, सरकार ने सिर्फ दावा किया, कोई मदद नहीं की, जाने पूरा मामला

लॉकडाउन के बीच नेताओं की अलग अलग दृष्य देखने को मिल रहा है कही मजदूरों को लेकर बस की राजनीति हो रही है तो वही दूसरे ओर कुछ नेता मजदूरो की सेवा करते दिखाई दे रहे है बिहार में जहा नेताप्रति पक्ष तेजस्वी यादव ने बाहर से आ रहे प्रवासी मजदूरों की सेवा करने में लगे हुए है तो वही दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अकेले सड़को पर निकल कर लगातार मजदूरों से मिल रहे है, ऐसे में हम आपको बताते चले कि कुछ ही महिने बाद बिहार में विधानसभा चुनाव होने को है, तो वही सत्तहिन पार्टी ने मजदूरों से मिलने और खाने को लेकर भी राजनीति करने मे लगे हुए ऐसे कह रहे है ।

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जानकारी के लिए हम आपको बताते चले कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों की मुश्किलों को लेकर लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर रहे हैं, लॉकडाउन के चलते बड़ी संख्या में मजदूर पैदल ही अपने-अपने राज्यों की ओर लौटने को मजबूर हो गए है, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने 16 मई को सुखदेव विहार फ्लाईओवर के पास इन मजदूरों से बातचीत की थी,

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जिसका वीडियों उन्होंने सोशल मीडिया और अपने यूट्यूब चैनल पर साधा किया है, जिसमें मजदूरो ने अपना दर्द खूद ही बयां किया है, एक शख्स ने बताया कि 21 तारीख की शाम को पता चला कि 22 मार्च को भारत बंद है, हमें लगा कि एक दिन का गैप है, 4 दिन के बाद फिर से सब कुछ बंद हो गया, राहुल गांधी ने पूछा कि अगर पता होता कि चार दिन बाद फिर से सब बंद होने वाला है तो क्या करते? तो परिवार वालों ने बताया कि घर निकल जाते, पिछले 2 महीने से घर से पैसे मंगवा रहे हैं, घर वाले गेहूं बेच कर हमें पैसा भेज रहे हैं उसी से गुजारा हो रहा है, हमने 3 लॉकडाउन तक तो इंतजार किया, लेकिन अब घर के लिए भूखे प्यासे पैदल लौट रहे है ।

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बिहार सरकार भी मजदूरों को घर आने के लिए कहा था कि अपने पैसे से टिकट लेकर आए और क्वारंटाइन से जाने के बाद उन्हें 500 स्कट्रा दिया जाएगा, लेकिन ऐसा नही हो रहा है, पिछले दिनों पैसे की वजह से मजदूर ट्रेन पर नही चढ़े तो दूसरी ओर क्वारंटाइन सेंटर्स से जाने पर उन्हें पैसे नही दिया जा रहा है ।

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