April 5, 2020

झारखंड में बिजली को लेकर नहीं होगा अब विरोध प्रदर्शन, टाटा ने बनाया प्लान

झारखंड में हो रहे चुनाव के समय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सरकार ने जनता से वायदा किया था कि हमरी सरकार अगर झारखंड में बनती है तो हम 24 घंटे तक बिजली उपलब्ध कराएगें, वही अपनी वादे पर खरा उतरने के लिए सरकार ने टाटा कंपनी की सहारा ली है, हम आपको ये भी बता दे कि बिजली को लेकर कई क्षेत्रो के लोग पहले ही सरकार का विरोध प्रदर्शन कर चुके है, और सरकार के खिलाफ विपक्ष ने सदन में भी इस बात को लेकर सवाल खड़ा कर चुकी है,

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वही इसी कड़ी में सीएम सोरेन से कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास में शनिवार को टाटा पावर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने भेंटवार्ता की। इस दौरान सीएम ने प्रवीर सिन्हा के साथ राज्य में बिजली व्यवस्था में सुधार पर विमर्श किया। वही दोनों के भेट में बिजली को ठिक करने को लेकर चर्चा हुई, वही भेंटवार्ता में मुख्यमंत्री ने सूबे में बिजली व्यवस्था में गुणात्मक सुधार कैसे हो, इस पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त कर निर्बाध बिजली जनता को उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।

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हम आपको बता दे कि झारखंड में टाटा पावर के अनुषांगिक ईकाई मैथन पावर 1050 मेगा वाट और जमशेदपुर में 667 मेगा वाट बिजली का उत्पादन कर रही है। टाटा पावर बिजली के क्षेत्र में देश के अन्य राज्यों में भी बिजली व्यवस्था का आधुनिकीकरण का कार्य सफलतापूर्वक कर रही है। इस अवसर पर टाटा पावर के कॉर्पोरेट अफेयर क्षेत्रीय प्रबंधक से टाटा के कई कर्मचारी गण मौके पर मौजूद रहे,

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वही मुख्यमंत्री हेंमत सोरेन ने कहा कि टाटा पावर कंपनी पूरे झारखंड में बिजली आपूर्ति करेगी, गांव से लेकर शहर तक बिजली में सुधार लाकर अपनी काम को सुचारु रुप से करेगी,और आधुनिक तकनीक का पूरा उपयोग करेगी, उन्होंने कहा कि झारखंड में बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में टाटा पावर अपना पूरा योगदान देगी। वही मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड राज्य के गांव गांव और सुदूर क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने का काम होगा बिजली व्यवस्था का आधुनिककरण और व्यवस्था में कैसे सुधार हो, इसको लेकर भी काफी देर तक चर्चा की गई ।

 

 

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