April 8, 2020

सुशील मोदी ने 13वीं बार पेश किया बिहार का बजट, शिक्षा पर दिया विशेष जोर

बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे दिन यानी मंगलवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील कुमार मोदी ने बजट पेश किया। जिस बजट में बिहार सरकार ने सबसे ज्यादा  शिक्षा पर सबसे विशेष ध्यान दिया है। इस बजट में सरकार ने शिक्षा के लिए 35 हजार 191 करोड़ रुपया,  प्रदेश में सड़कों के लिए 17 हजार 435 करोड़ जबकी  ग्रामीण क्षेत्र में विकास के लिए 15 हजार 955 करोड़ की अनुमानित राशि दी है।

सदन में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री मोदी ने कहा कि बिहार सरकार के इस बजट का आकार 2 लाख 11 हज़ार 761 करोड़ रुपए का है। जिसके तहत बिहार में विकास होगी और नए बिहार का कायाकल्प होगा। वहीं इस वर्ष के बजट को ग्रीन बजट करार दिया गया है। जिसमें सबसे अधिक शिक्षा, सड़क और ग्रामीण क्षेत्र को विकास पर जोर दिया गया है।

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वहीं बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री सुशील मोदी ने सदन में कहा कि, ‘सूखा पीड़ित किसानों के खातों में पैसे भेजे गए हैं साथ ही डीजल अनुदान की राशि 50 से बढ़ा कर 60 रुपये कर दिया गया’ क्योंकि बिहार सरकार किसानों बेहतर भविष्य के लिए बचन वध है और उसे पूरा कर  के रहेगी।

इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां 31 मार्च तक हर घर नल का जल पहुंच जाएगा और गली-नाली का पक्कीकरण भी पूर्ण कर लिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार में विकास रफ्तार लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही बजट में जल-जीवन-हरियाली पर विशेष जोर दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया की केंद्रीय करों में राज्य की हिस्सेदारी बढ़ी है जिससे की बिहार का विकास दर भी रफ्तार पकड़ रहा है।

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आपको बता दें कि वित्त मंत्री के तौर पर सुशील मोदी का ये 13वां बजट है जिसमें उन्होंने बिहार में चल रही विकास की योजनाओं का खूब जिक्र किया है। जहां उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया मंदी का दौर है जिसका असर भारत पर पड़ेगा इसके बावजूद भी बिहार ने 2019-20 में 15.01 फीसदी की दर से विकास हासिल किया है।

इसके साथ ही डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर तंज करते हुए एनडीए शासन काल के शासन काल और लालू राज की तुलना करते हुए कहा कि बिहार में प्रति व्यक्ति आय में इजाफा हो रहा और सूबे में चरवाहा विद्यालय जैसी चीजें अब इतिहास बनकर रह चुकी हैं।

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