नदियों के तटों पर उमड़ा श्रध्दा का सैलाब, लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी
Sun. Jan 26th, 2020

नदियों के तटों पर उमड़ा श्रध्दा का सैलाब, लोगों ने लगाई आस्था की डुबकी

makar sankranti

नई दिल्ली :   मकर संक्रांति का पर्व हिन्दु धर्म का एक प्रमुख पर्व माना जाता है. क्योंकि हिन्दु धर्म में इस पर्व के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने की परंपरा रही है. लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस पर्व मनाने को लेकर ऊहापोह की स्थिति बनती दिख रही है. बता दें कि कुछ लोग 14 जनवरी को तो कुछ लोग 15 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं

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जानकारी हो कि मकर संक्रांति के पावन मौके पर पवित्र नदियों में स्नान कर दान पुण्य करने का विशेष महत्व रहा है. इसलिए मंगलवार को वाराणसी, ऋषिकेश और हरिद्वार समेत देश पवित्र नदियों के अन्य घाटों पर लोग आस्था डुबकी लगाते नजर आएं. इस मौके पर कई जगहों लंगर लकाकर खिचड़ी वितरित की गई. 14 जनवरी को आस्था की डुबकी लगाने वाले श्रध्दालुओं में बहुत श्रध्दालु ऐसे भी है जो मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को ही मनाएंगे, बता दें कि देश के ज्यादातर हिस्सों में मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा.

मकर संक्रांति का पर्व किसानों के घर नई फसल आने की खुशहाली को देख कर भी मनाया जाता है.  इस पर्व के साथ ही शीत ऋतु की विदाई का संकेत भी मिलने लगता है. मकर संक्रांति के बाद से ठंड का प्रभाव धीरे धीरे कम होने लगता है. बता दें कि यह त्योहार नई ऊर्जा और उत्साह लोगों के भीतर भर देता है.  गौर करने योग्य बात यह है कि प्रकृति में सदैव उत्सव चलता रहता हैं मकर संक्रांति के साथ ही ऋतुओं का राजा वसंत का आगमन का संकेत मिलने लगता है. पेड़-पौधों पर विभिन्न रंग के फूल हर दिन खिल रहे होते हैं, पुराने पत्तों की जगह नई कोंपलें ले रही होती हैं. इस उत्साह और ऊर्जा से ही हमारे जीवन में हर दिन, हर क्षण नवविचार का संचार होता है.

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