June 5, 2020

कोरोना से लड़ने के लिए रेलवे पूरी तरह से तैयार, 6500 बिस्तररों के साथ स्वास्थ्य विभाग को किया तैयार ।

कोरोना वायरस लगातार भारत में अपने पैर पसारते जा रहा है, जिसके बचाव के लिए  पूरे देश में लॉकडाउन लागू है, कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए सरकार सतर्क है, लगातार लोगों की टेस्टिंग की जा रही है, इसके बावजूद भी कोरोना के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं, ऐसे में सवाल उठता है कि कोरोना से कैसे लड़ेगा देश ?

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हलांकि देश में कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जारी है… कोरोना की महामारी से निपटने के लिए तीनों सेनाओं के साथ ही डीआरडीओ युद्ध स्तर पर मोर्चा संभाल रही हैं… इसमें रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन यानी DRDO अहम भूमिका निभा रहा है…. खासतौर से कोरोना योद्धा के रूप में काम करने वाले डॉक्टरों और नर्स की सुरक्षा के साथ ही… सैनिटाइजर और मास्क बनाने के लिए DRDO दिन रात काम कर रहा है… जिसकी जानकारी देते हुए डीआरडीओ के चेयरमैन डॉक्टर सतीश रेड्डी बताया कि… डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए अनुसंधान संगठन ने रेडियोंलॉजी इंमरजेंसी में काम करने वाले खास तरह के सूट में परिवर्तन कर इसे कोरोना वायरस की जंग में लड़ने के लिए फूट वॉडी सूट तैयार किया है… जिसे कोलकता और मुंबई की कम्पनी के सहयोग के भारी मात्रा में तैयार किया जा रहा है। ये कम्पनीया हर दिन हर दिन एक हजार बॉडी सूट बनाएंगे… इसके साथ ही drdo मास्क और लगभग 10 हजार लिटर से ज्यादा सैनिटाइटर बनाया है… जिसे 4 हजार लिटर.. भारतीय सस्त्र सेना के जवानों, डेढ़ हजार लिटर स्वास्थ्य मंत्रालय औऱ दिल्ली पुलिस को ,300 लिटर संसद और 500 लिटर अन्य सुरक्षा संस्थानों को दिया गया है… इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सैनिटाइजर बनाने की तकनीक स्वास्थ्य मंत्रालय को भी दे दिया गया है… जिसके तहत हर दिन 10 हजार लीटर सैनिटाइजर बना सकते हैं… उन्होंने कहा कि मास्क की जरूरत को पूरा करने के लिए भी हम काम कर रहे हैं… हमने 20 हजार मास्क बनाकर दिल्ली पुलिस को दिए हैं…

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हलांकि drdo ने इसके साथ ही वेंटिलेटर की जरूरत को पूरा करने के लिए भी काम कर रहा है…. अभी मैसूर में एक इंडस्ट्री के साथ नए वेंटिलेटर पर काम चल रहा है…. आने वाले दो-तीन दिनों में यह वेंटिलेटर भी तैयार हो जाएगा…. जिसके बाद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और दूसरी प्राइवेट इंडस्ट्री के साथ मिलकर वेंटिलेटर बनने शुरू किए जाएंगे….

वहीं सेना और डीआरडीओं के बाद अब कोरोना के खिलाफ राष्ट्रव्यापी जंग में रेलवे बड़े पैमाने पर अपना योगदान देने में जुट गया है… चीन से सीख लेते हुए उसने अपनी तैयारियों को सुपर रफ्तार देने का फैसला लिया है… जिस तरह चीन ने दस दिनों में कोरोना पीड़ितों के इलाज के लिए एक विशालकाय अस्पताल बनाकर खड़ा कर दिया था… उसी तरह रेलवे अगले कुछ दिनों में अपनी 5000 पैसेंजर बोगियों को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने के लिए दिन रात कार्य कर रहा है… वहीं रेलवे बोर्ड ने इस आशय के संदेश मिलने के बाद सभी जोनो ने अपने अपने स्तर पर इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कोच को आइसोलेशन में तब्दील करने के अलावा रेलवे अपने अस्पतालों में 6500 बिस्तररों को भी कोरोना पीडि़तों के इलाज के अनुरूप तैयार कर स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराएगा…

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