July 12, 2020

पुलवामा अटैक को हुए एक साल, सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती हमले से छलनी हुआ था देश का सीना

PULWAMA ATTACK ONE YEAR

पटना डेस्क: जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी 2019 को सीआरपीएफ के काफिले पर आत्मघाती आतंकी हमले से देश हिल गया था. पुलवामा हमले के एक साल बाद भी आतंकी हमलों की चुनौतियां सुरक्षा एजेसियों के लिए कम नहीं हुई हैं.

एक साल पहले के इस दिन का इतिहास जम्मू-कश्मीर की एक बड़ी दुखद घटना के रूप में दर्ज है. पुलवामा हमला एक ऐसी हृदय विदारक घटना थी, जिसने पूरे देश को शोक संतप्त किया और कश्मीर में पाक समर्थित आतंकवाद की दुनिया के सभी देशों ने कड़ी आलोचना की. पुलवामा हमला एक ऐसी घटना भी है जिसके बाद देश एक बड़े बदलाव की राह पर आगे बढ़ गया. इस हमले के बाद पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय सेना ने आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया.

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पाकिस्तान को सबक सिखाने वाली इस कार्रवाई के बाद कश्मीर में पाकिस्तान की दखल पूरी तरह रोकने, अलगाववाद पर काबू पाने और आतंक की जड़ों पर प्रहार करने के लिए केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को समाप्त करते हुए आर्टिकल 370 (Article 370) के अधिकतर प्रावधान समाप्त कर दिए. इसके अलावा जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों के रूप में बांट दिया.

गौरतलब है की, जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ का काफिला गुजर रहा था. सामान्य दिन की तरह ही उस दिन भी सीआरपीएफ के वाहनों का काफिला अपनी धुन में जा रहा था. तभी तभी एक कार ने सड़क की दूसरी तरफ से आकर इस काफिले के साथ चल रहे वाहन में टक्‍कर मार दी. इसके साथ ही एक जबरदस्‍त धमाका हुआ. यह आत्मघाती हमला इतना बड़ा था कि मौके पर ही सीआरपीएफ के करीब 42 जवान शहीद हो गए. उन तमाम जवानो को पूरा देश याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करता है.

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