June 2, 2020

‘बसों’ के विवाद में फंसी ”प्रियंका गाँधी” ने कहा-सड़क पर खड़े ‘मजदूर’ ‘भारत की रीढ़’, ना करे ‘राजनीती’

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लाइव आते हुए कहा कि ये जो लोग सड़कों पर हैं वह भारत की रीढ़ हैं. इन्हें मदद चाहिए, चाहें जो करे. इससे पहले हमें जहां जहां लगा हमने सकारात्मक भाव से सरकार को सुझाव दिए. जहां अच्छा काम किया तो हमने सरकार की तारीफ़ भी की. कुछ समय से हम कह रहे थे कि जो लोग पैदल चल रहे हैं उन्हें बसें मुहैया करा दें. इसी बीच हादसे होने शुरू हुए. इसके बाद भी रोडवेज बसें इतनी नहीं चली. इस पर हमने सोचा कि हम इनके लिए बस मुहैया करा देते हैं, ताकि दिल्ली एनसीआर से जो लोग चल रहे हैं, वो बसों में बैठ कर आराम से घर पहुंच जाएँ.

प्रियंका गांधी ने कहा कि यूपी सरकार को जो नम्बर गलत मिले हैं, उन्हें हटा देते, लेकिन ऐसा नहीं किया गया. हमनें 900 बसें राजस्थान के बॉर्डर पर और 300 बसें दिल्ली बॉर्डर पर भिजवाई. अगर ये बसें चलती तो कई हज़ार लोग घर पहुंच जाते, लेकिन हम राजनितिक उलझन में फंस गए. अगर बीजेपी को अपना झंडा बैनर लगा देते लेकिन चलवा देते. हमें फर्क नहीं पड़ता. अब तक 82 हज़ार लोग घरों में पहुंच जाते. अगर यूपी सरकार को इन बसों को इस्तेमाल करना है तो करें. बसें खड़ी हैं. अगर ऐसा नहीं होगा तो हम बसें वापस भेज देंगे, जैसा कि एक बार पहले कर चुके हैं.

प्रियंका गांधी ने कहा कि ये सिर्फ भारत के लोग नहीं हैं. ये भारत की रीढ़ हैं. इन्होंने देश बनाया है. इमारतें बनाई हैं. मुश्किल में इनकी मदद करना कोई एक पार्टी का काम नहीं, सभी दलों का है. जब से लॉकडाउन हुआ. तब से हम लोग लगे हुए हैं. लोगों को खाना दे रहे हैं. हम अब तक करीब 67 लाख लोगों की मदद कर चुके हैं. हमने सेन्ट्रल हेल्प लाइन भी बनाई. प्रियंका गांधी ने कहा कि मैं प्रवासी भाई बहनों से कहना चाहती हूं कि हम कांग्रेस के लोग. कांग्रेस के कार्यकर्ता उनके साथ खड़े हैं. वह जहाँ से भी गुजर रहे हैं, कांग्रेस के लोग उन्हें मिलेंगे. उनकी सेवा के लिए हाजिर हैं.

प्रियंका गांधी ने सोशल मीडिया पर लाइव आते हुए कहा कि ये जो लोग सड़कों पर हैं वह भारत की रीढ़ हैं. इन्हें मदद चाहिए, चाहें जो करे. इससे पहले हमें जहां जहां लगा हमने सकारात्मक भाव से सरकार को सुझाव दिए. जहां अच्छा काम किया तो हमने सरकार की तारीफ़ भी की. कुछ समय से हम कह रहे थे कि जो लोग पैदल चल रहे हैं उन्हें बसें मुहैया करा दें. इसी बीच हादसे होने शुरू हुए. इसके बाद भी रोडवेज बसें इतनी नहीं चली. इस पर हमने सोचा कि हम इनके लिए बस मुहैया करा देते हैं, ताकि दिल्ली एनसीआर से जो लोग चल रहे हैं, वो बसों में बैठ कर आराम से घर पहुंच जा

 

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी से मजदूरों को राजनीति का मोहरा न बनाने की अपील करते हुए कहा है कि अगर सच में श्रमिकों की मदद करना है तो मध्य प्रदेश आईए और यहां की व्यवस्थाओं को देखकर सीखिए. जहां उन्होंने ट्वीट कर कहा “प्रियंका जी, संकट की इस घड़ी में अपनी निकृष्टतम राजनीति के लिए मजदूरों को मोहरा मत बनाइये. उनकी हाय लगेगी. उनके साथ-साथ यह देश और दुनिया भी आपकी कथनी और करनी में अंतर को सफ-साफ देख रही है. छल नहीं, सेवा कीजिए, यही सच्ची राजनीति है.

उन्होंने एक अन्य ट्वीट में प्रियंका गांधी से मध्य प्रदेश आने का आग्रह करते हुए कहा “प्रियंका जी, अगर आपको सच में श्रमिकों की मदद करनी है, तो मध्यप्रदेश आइये. हमारे यहं की व्यवस्थाएं देखिये, सीखिए उससे आपको मदद मिलेगी. मध्यप्रदेश की धरती पर आपको कोई मजदूर भूखा, प्यासा और पैदल चलता हुआ नहीं मिलेगा. हमने कारगर इंतजाम किए हैं. राज्य में श्रमिकों की मदद के लिए किए जा रहे प्रयासों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा “अपने और दूसरे राज्यों के श्रमिक भाइयों को उनके घरों एवं राज्यों तक पहुंचवाने के लिए हम एक हजार से अधिक बसें रोज चलवा रहे हैं. देश के दूसरे राज्यों में फंसे अपने साढ़े चार लाख मजदूर भाई-बहनों को अब तक ट्रेनों और बसों से हम उन्हें उनके घर पहुंचवा चुके हैं.”

 

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