April 7, 2020

लॉक डाउन के नियमों की लोग उड़ा रहे हैं धज्जिया, पीएम मोदी हुए शख्त !

चीन से शुरु हुआ कोरोना वायरस का प्रकोप हर दिन कहर बरपा रहा है, और पूरी दुनिया को अपनी गिरफ्त में ले चुका है। चीन, जर्मनी, यूरोप, इटली के बाद भारत में इसकी भीषणता डरा रही है। देश में 300 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। लोग भी अब वायरस की गंभीरता को भली भांति समझ चुके हैं। जिसके बाद देश की जनता ने पीएम मोदी का के आहवान पर रविवार को पूरे दिन जनता कर्फ्यू लगा कोरोना वायरस के जीत में अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। तो देश में कोरोना वायरस से लड़ने वाले योद्धा के सम्मान में शंखनाद कर पूरे विश्व को ये बता दिया कि हम अपने लोगों का कैसे सम्मान करते हैं।

ये भी देखें : लॉक डाउन के बाद सीएम नीतीश कुमार ने किया बड़ा ऐलान…

लेकिन इन सबके वावजूद देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण की वजह से आपातकालीन स्थिति के मद्देनजर भारत के कई शहरों को लॉक डाउन कर दिया गया है। हलांकि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए। सबसे पहले महाराष्ट्र में लॉकडाउन किया गया है। वहीं इसकी स्थिति को देख केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने और संक्रमण फैलने से रोकने के लिए राज्य सरकारों को लॉक डाउन करने के निर्देश जारी किए, और ऐसी स्थिति देश में 31 मर्च तक बनाए रखने के आदेश दिए। लेकिन इसके बीच भी कई लोगों ने लॉक डाउन की स्थिति को दरकिनार करते हुए सड़कों पर दिखें। जिसको लेकर पीएम मोदी अपने ट्विटर पर ट्वीट किया और लिखा की।

“लॉकडाउन को अभी भी कई लोग गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कृपया करके अपने आप को बचाएं, अपने परिवार को बचाएं, निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। राज्य सरकारों से मेरा अनुरोध है कि वो नियमों और कानूनों का पालन करवाएं।“ वहीं इस स्थिती को देखते हुए News One 11 ने लोगों के द्वारा किए जा रहे नियमों के उलंधन के बाद लोगों को नियमों से अवगत कराने के लिए रिपोर्ट बनाया है।

क्यों करते हैं लॉकडाउन ?

लॉकडाउन एक इमरजेंसी व्यवस्था है जो किसी आपदा के वक्त शहर में सरकारी तौर पर लागू होती है। लॉक डाउन की स्थ‍िति में उस क्षेत्र के लोगों को घरों से निकलने की अनुमति नहीं होती है। उन्हें सिर्फ दवा या अनाज जैसी जरूरी चीजों के लिए बाहर आने की इजाजत मिलती है। लेनदेन के लिए आप बैंक से पैसा निकालने के लिए भी जा सकते हैं। लेकिन बाहर निकलने की स्थिति में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। इसलिए कुछ देशों में लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है। कोरोना वायरस का संक्रमण एक-दूसरे इंसान में न हो इसके लिए जरूरी है कि लोग घरों से बाहर कम निकले। पूरी तरह लॉकडाउन के तहत अस्पताल, दवा दुकानों जैसी आवश्यक सेवाओं के अतिरिक्त समस्त राजकीय एवं निजी कार्यालय, मॉल्स, दुकानें, फैक्ट्रियां एवं सार्वजनिक परिवहन आदि बंद रहेंगे। लेकिन लॉकडाउन का यह अर्थ कतई नहीं है कि प्रदेश या जिलों की सीमाएं सील हैं। यदि किसी गम्भीर मरीज को दिखाना हो या गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाना हो तो ऐसे अत्यंत जरूरी कामों के लिए घर से बाहर निकला जा सकता है।दूध, सब्जी, किराना और दवाओं की दुकान लॉकडाउन के दायरे से बाहर हैं। मगर इन दुकानों पर बेवजह भीड़ लगाने से बचना जरूरी है। पेट्रोल पंप और एटीएम को राज्य सरकार ने आवश्यक सेवाओं के श्रेणी में रखा है। ये खुले रहेंगे। इन्हें लॉकडाउन के दायरे से बाहर रखा गया है। निजी वाहनों का संचालन जारी रहेगा, लेकिन संक्रमण से बचने के लिए खुले वाहनों जैसे बाइक आदि की जगह निजी कार आदि का प्रयोग करें।

कोरोना वायरस के कारण किन-किन देशों में है लॉकडाउन ?

चीन, डेनमार्क, अल सलवाडोर, फ्रांस, आयरलैंड, इटली, न्यूजीलैंड, पोलैंड और स्पेन में लॉकडाउन जैसी स्थिति है। चूंकि चीन में ही सबसे पहले कोरोनावायरस संक्रमण का मामला सामने आया था। इसलिए सबसे पहले वहां लॉकडाउन किया गया। इटली में मामला गंभीर होने के बाद वहां के प्रधानमंत्री ने पूरे देश को लॉकडाउन कर दिया।  उसके बाद स्पेन और फ्रांस ने भी कोरोना संक्रमण रोकने के लिए यही कदम उठाया है।

विश्व में कब और कहां-कहां हुआ है लॉकडाउन ?

  • अमेरिका में 9/11 के आतंकी हमले के बाद वहां तीन दिन का लॉकडाउन किया गया था…
  • दिसंबर 2005 में न्यू साउथ वेल्स पुलिस फोर्स ने दंगा रोकने के लिए लॉकडाउन किया था…
  • 19 अप्रैल, 2013 को बोस्टन शहर को आतंकियों की खोज के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था…
  • नवंबर 2015 में पैरिस हमले के बाद संदिग्धों को पकड़ने के लिए साल 2015 में ब्रुसेल्स में पूरे शहर को लॉकडाउन किया गया था।

    https://www.youtube.com/watch?v=NxLEoC3gzyo&t=336s

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *