June 2, 2020

”चक्रवात तूफान” को लेकर ‘पश्चिम बंगाल’ सहित ‘ओड़िशा’ एवं तटीय इलाके हाई अलर्ट पर

समुद्र में उठ रहे चक्रवाती तूफान बुधवार को पश्चिम बंगाल में भीषण रूप ले सकता है।  इसकी जानकारी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल NDRF एनडीआरएफ की टीम ने दी है। जिसके महानिदेशक एसएन प्रधान ने संवाददाताओं को बताया है कि यह चक्रवाती तूफान आज यानी 20 मई को पश्चिम बंगाल के दिखा एवं बांग्लादेश के हटिया दिवस के बीच से तट पर पहुंचने का अनुमान है। जहां इस गंभीर घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए एनडीआरएफ ने जान-माल की क्षति को रोकने के लिए 53 टीमों को तैनात किया है। जहां उड़ीसा के पारादीप में कल रात से हवा एवं बारिश की रफ्तार बढ़ गई है।

 

तूफान से महादीप में लगभग 125 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व है। जबकि पादित इलाके में जानकारी के मुताबिक 106 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल रही है। इधर ओडिशा के बालासोर जिले में चांदीपुर में तेज हवा चलने के साथ ही बारिश भी हो रही है। जबकि चक्रवात तूफान से आज भूस्खलन होने की आशंका जताई जा रही है। जबकि फार्म को देखते हुए अब तक 1704 सेंट्रल होम शेल्टर होम तैयार किए गए हैं और 119075 लोगों को निकाला गया है। जबकि तूफान को देखते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बताया है कि रेलवे से गुरुवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने को नहीं कहेंगे। जो कि तूफान पश्चिम बंगाल के दीघा एवं बांग्लादेश के हटिया से बुधवार को पार कर सकता है।

 

पश्चिम बंगाल के तटवर्ती इलाकों के नजदीक पहुंचने का है जिस वजह से कोलकाता पोर्ट ट्रस्ट के पी के पी के नाविकों को खतरे के प्रति सावधान करते हुए समुंद्री पोत पर रोक लगा दी है इस बारे में एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि बंदरगाह संपत्ति को तूफान से बचाने के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। जहां बंदरगाह पर लंगर डाले गए जहाजों को भी बचा एवं सुरक्षा की तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं डायमंड हर्बल एवं सागर लंगर क्षेत्र में माल उतारने चढ़ाने का काम भी रोक दिया गया है और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए प्रबंधन प्रणाली बंद रखी जाएगीकी जाएगी।

जहां आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार एक अधिकारी ने बताया है कि कच्चे मकान, मकानों की कच्ची छतों, नारियल के पेड़ों, टेलीफोन एवं बिजली के खंभों को गंभीर क्षति पहुंच सकती हैं।  जिस वजह से उन्हें जानमाल की क्षति होने की भी आशंका है। इसीलिए हमारी तैयारी उसी के अनुसार होनी चाहिए और यह राज्य सरकारों को भी निर्देश दिया जा चुका है। जबकि एनडीआरएफ के प्रमुख ने बताया है कि इंसान के तट से टकराने के दौरान हवा की गति 190 195 से 200 किलोमीटर प्रतिघंटा रहने का अनुमान है।  यह आबादी वाले इलाके को प्रभावित करेगा।

 

मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार दोपहर तक तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) बंगाल की खाड़ी पार कर जाएगा। इससे कोलकाता के साथ-साथ बंगाल के कई इलाकों में भारी बाढ़ आने की संभावना है। मुख्य रूप से इसका असर दीघा और बांग्लादेश के हटिया पर पड़ेगा। यह तूफान सुपर साइक्लोन बन गया है और हवाएं की गति 200 किलोमीटर प्रतिघंटा के आस-पास होगी।  नदी और समुद्र में लहरे भी आठ मीटर ऊंची उठेंगी। ओडिशा से मिली जानकारी के मुताबिक सुबह गोपालपुर में 44 किलोमीटर की रफ्तार से हवायें चल रही थी।  अब बारिश नहीं हो रही है, लेकिन पारादीप इलाके में बारिश जारी है। उम्मीद है कि ओडिशा में तूफान का असर बहुत ज़्यादा नहीं होगा।

 

कोस्टगार्ड एहतियात के तौर पर लोगों को लगातार अलर्ट कर रहा है।  14 मई से लगातार तीन शीप और दो एयरक्राफ्ट लोगों को सावधान कर रहे है। अब तक 300 फिशिंग बोट को निकाला है।  पूर्वी तट पर 20 डिजास्टर रिलीफ टीम को स्टैंड बाई के तौर पर रखा गया है।  कोस्टगार्ड के पांच युद्धपोत और हेलीकॉप्टर जैसे ही तूफान चला जायेगा तो तुरंत राहत और बचाव अभियान में निकल जाएंगे।  बाकी के युद्धपोत और हेलीकॉप्टर को तैयार रखा गया है। जरूरत के मुताबिक लाइफ बॉय, लाइफ जैकेट और दूसरे बचाव के साधन तैयार रखे गए है।  प्रभावित लोगों की मदद के लिये राहत सामग्री भी तैयार रखी गई है।

 

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