June 2, 2020

कोरोना वायरस के खिलाफ जंग जीतने के लिए देशव्यापी लॉक डाउन को पीएम मोदी सहित कई मुख्यमंत्रियों ने बैठक किया। जिसमें उन्होंने  पीएम मोदी ने यह कहा कि पहले यह कहावत थी, कि जान है तो जहान है। लेकिन अब नई नीति है कि जान भी और जहान भी।  बता रहे हैं कि कोरोनावायरस के खिलाफ जंग जीतने के लिए देशव्यापी लॉग डाउन को 30 अप्रैल तक पढ़ाने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार ने सहमति दे दी है। लेकिन अभी भी इसकी औपचारिक घोषणा होनी बाकी है। इस बारे में बता दें कि कई राज्यों जैसे बंगाल महाराष्ट्र तेलंगाना एवं उड़ीसा एवं पंजाब में भी 30 अप्रैल तक लॉक डाउन की समय  बढ़ा दी है।

बता दे कि पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से रूबरू करते हुए उन्होंने सलाह दिया कि हर एक व्यक्तियों को गमछे को मास्क  की तरह इस्तेमाल करने की सलाह देनी चाहिए। जहां लॉक डाउन दो हफ्तों से अधिक बढ़ाने पर सभी राज्यों की सहमति है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रयासों से महामारी का असर हटाने में काफी हद तक मदद मिली है।  लेकिन अभी भी हालात तेजी से बदल रहे हैं इसी वजह से निगरानी बहुत ही जरूरी है। जिसके बारे में पीएम मोदी ने संक्रमण रोकने के लिए इस कदम का असर अगले 3 से 4 हफ्ते में देखने का दावा किया है। साथ ही उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि इस लॉक डाउन नियम का सख्ती से ही पालन करवाया जाए। साथ ही 25 मार्च से लागू 21 दिन के लॉक डाउन की अवधि को 14 अप्रैल में खत्म होने के बाद  अभी भी लॉक टाउन में 2.0 की ही ढील मिलेगी।

बता दें कि आंकड़ों के अनुसार अगर देशव्यापी लॉक डाउन अगर नहीं किया जाता तो 15 मार्च तक जिस तरीके से कोरोना वायरस का संक्रमण फैल रहा था।  अभी तक 15 अप्रैल के बाद 8.2 लाख लोग संक्रमित होने की संभावना थी। लेकिन अगर सिर्फ कंटेंटमेंट होता और लॉक डाउन किया जाता तो यह आंकड़ा  2.1 लाख तक हो सकता था। लेकिन अभी लॉक डाउन एवं कंटेंट लागू करने के बाद आंकड़ा  करीब 8000 के पास है। जो कि बहुत ही राहत देने वाली बात है इस बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा है कि या बड़े कदम अगर नहीं उठाए जाते तो देश में  वायरस संक्रमण की संख्या 41% की दर से फैलता जाता बता दे कि केंद्र सरकार के अनुसार कोरोना मरीजों के लिए एक लाख आइसोलेशन बेड 11.30 हजार आईसीयू बेड के रिजर्व  किए जा चुके हैं। इधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ट्वीट कर लॉक डाउन बढ़ाने की मांग प्रधानमंत्री से की है और इसके लिए  धन्यवाद भी कहा है। जबकि अभी भी लॉक डाउन बढ़ाने की घोषणा नहीं की गई है। इस बारे में कैप्टन अमरिंदर सिंह उद्धव ठाकरे ने कहा है कि लॉक डाउन बिना कामयाबी नहीं मिल सकेगी। इस बारे में छत्तीसगढ़  सीएम भूपेश बघेल ने भी सलाह दी है कि आर्थिक गतिविधियां खोली जाए लेकिन इंटरेस्ट रोड हवाई एवं रेल यातायात को बंद रखा जाए।
बता दें कि अगर लॉक डाउन खत्म भी हो जाता है तो भी पूरी तरीके से या खत्म नहीं किया जाएगा। इसमें 15 अप्रैल से चलने वाली सभी ट्रेनों में जनरल बोगीया नहीं मिलेगी एवं सिर्फ आरक्षित टिकट पर ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी। साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए आधी सीटें ही बुकिंग की जाएगी एवं बीच की मिडिल बर्थ की बुकिंग नहीं की जाएगी।  संक्रमण के हॉट स्पॉट  पर रेल  नहीं रुकेंगे सातझ ही भीड़भाड़ से बचने के लिए स्टेशनों पर ठहराव का समय भी दोगुना किया जाएगा। बता दें कि उड़ानों में घरेलू रूटों पर बेहद कम संख्या में उड़ानें शुरू किए जाने का विचार है। इसके साथ ही उड़ानों के बीच की काफी अंतर रखे जाएंगे भीड़भाड़ से बचने के लिए रिर्पोटिंग टाइम 45 मिनट से बढ़ाकर 2 घंटे की तैयारी की जा रही है। साथ ही टोटल सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए कंस्ट्रक्शन वर्क के अलावा बारे मैन्युफैक्चरिंग उद्योगों एवं फार्मा इंडस्ट्री के स्रोतों के साथ काम करने की छूट दी जाएगी।
बता दें कि इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हिस्सा लिया। जहां उनमें से 10 मुख्यमंत्रियों ने लॉक डाउन को बढ़ाने का समर्थन किया है।  इन मुख्यमंत्रियों में दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा एवं पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शामिल थे।

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