April 8, 2020

गांधी सेतु के नए पुल निर्माण में भारी अनियमितता, कांग्रेस ने किया खुलासा

आज पटना के  कांग्रेस  प्रदेश कार्यालय में कांग्रेस नेता प्रेमचंद मिश्रा ने प्रेसवार्ता कर पत्रकारों को बताया कि  गाँधी सेतु के मरम्त कार्य के निर्माण में घटिया मैटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है। प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि महात्मा गाँधी सेतु निर्माण में बड़े पैमाने पर हो रही अनियमिताओ के सम्बंध में बिहार विधान परिषद के 191वें सत्र में 18 फरवरी 2019 को ध्यानाकषर्ण तथा पुनः इस साल 25 फरवरी को उनके द्वारा लाया गया कार्यस्थगन प्रस्ताव गाँधी सेतु निर्माण कार्य मे लगाए जा रहे जंग प्रूफ स्टील के इस्तेमाल तथा करोड़ो रूपये की अनियमितता का उलेख करते हुए जाँच की मांग सहित विभिन्न स्तरों पर हो रहे भ्रष्टाचार को उजागर कर उसे रोकने की माँग किया था। लेकिन मेरी आवाज को दवा दिया गया।

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आपको बतां दें कि सीएजी की रिपोर्ट के मुताबित भी इस घोटाले की पुष्टि हो चुकी है। जिसके बाद उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ साथ ही पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव को अविलम्ब बर्खास्त किया जाने की मांग की। क्योंकि उनका कहना है कि सेतु निर्माण में एग्रीमेंट के अनुसार 70 डब्लू  ग्रेड के जंग प्रूफ स्टील का इस्तेमाल होने था लेकिन मरम्मत कर रही कम्पनी एफकॉन ने घटिया स्टील ई-410 का धड़ल्ले से प्रयोग कर  कमजोर स्ट्रक्चर तैयार कर रही है, जिससे जान माल की नुकसान का खतरा बना रहेगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर राज्यपाल से गाँधी सेतु में अनियमितता होने एवं हेराफेरी होने को लेकर उल्लेख किया गया था। लेकिन पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने विगत एक वर्षो में अनेकों बार मेरे द्वारा उठाए गए प्रश्नों की अनदेखी कर आरोपो को गलत बताया था। लेकिन महालेखाकार ने विभागीय मंत्री तथा विभागीय सचिव के भूमिका पर भी सवाल खड़ा कर ना सिर्फ घटिया क्वालिटी के स्टील के इस्तेमाल बल्कि सुपर स्ट्रक्चर के पाया 1 से 46 तक कटिंग कर हटाने के बजाए नदी में ही गिरा दिया जा रहा है जिससे गंगा भी प्रदूषित हो रहा है।

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इसके साथ ही तत्काल कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार सिंह, रेसिडेंट इंजीनयर इंद्र नाथ मिश्र ने जब सेतु निमार्ण में हो रही गड़बड़िया पर आवाज उठाते हुए आपत्ति दर्ज की तो इन दोनों ईमानदार अधिकारियों को ही प्रोजेक्ट से बाहर कर दिया था। इस बिंदु को भी महालेखाकार ने ऑडिट रिपोर्ट में उल्लेख कर कहा है कि सेतु डिवीजन के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता तथा पुल के लिए कंसल्टेंट के तौर पर बहाल टीम लीडर प्रशांत भरताचार्य ने भी गड़बड़ियों को लेकर पत्र लिखा तथा ध्यान आकृष्ट किया था। लेकिन कोई कार्यवाई नही की गई। इसके साथ ही दिसम्बर माह के अंत मे पटना में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के आयोजन के समय मे भी प्रेमचंद मिश्रा ने NHAI के प्रमुख तथा केंद्रीय मंत्री नितिन गड़कडी को पत्र लिखकर इस सम्बंध में तत्काल कार्यवाई करने तथा कमजोर स्ट्रक्चर की जगह मजबूत स्ट्रक्चर बनाने को लेकर मांग थी लेकिन इसके बाद भी कोई असर नहीं दिखा। अब देखना यह है कि क्या इस घोटाले पर कार्यवाई होती है। या फिर वोट की राजनीतिकरण का शिकार भोले-भाले आम जनता को भुगतना पड़ेगा।

पटना से प्रवीण कुमार की रिपोर्ट 

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