April 8, 2020

कोरोना वायरस से पहले भी भारत ने देखा है कई और महामारी, करोड़ों की गई थी जान… जाने विस्तार से

पूरी दुनिया कोरोना वायरस से लड़ रही है। महारूपी फैले इस वायरस ने 150 देशों से भी ज्यादा पर अपना प्रकोप फैला चुका है। जिससे दुनिया में कोरोना से संक्रमित मरीजों की संख्या 2 लाख के पार कर चुकी है। जबकी इस महामारी से 8000 से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई है, और लगभग 83,000 लोग इस वायरस से संक्रमित होने के बाद ठीक भी हुए हैं। वहीं इस बीमारी ने भारत पर भी अपना प्रभाव बखुबी छोड़ा है जिसके कारण भारत में 21 मार्च की दोपहर 12 बजे तक के आकड़ों के मुताबिक 282 संक्रमित मरीज समाने आ चुके थे जबकी इस बीमारी से अब तक 4 मरीजों की मौत हुई है।

वहीं इस बीमारी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही सेलिब्रिटी और कई हस्तियों ने लोगों की जागरूकता के लिए कार्यक्रम चलाया तो कईयों ने सोशल मीडिया पर लोगों को जागरूक किया। आपको बता दूं कि देश में यह पहली ऐसी बीमारी नहीं है जिसने लोगों को परेशान किया है बल्कि ऐसी कई बीमारियां आई जिसने कोरोना से पहले भी भारत को डराया है और क्षति पहुंचाई है।

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वहीं भारत में जितनी भी बीमारियां जो महामारी का रूप लेकर भारत में आई उसने तबाही का मंजर बना दिया। जिसमें 1896 में प्लेग को, 1918 में इंफ्लुएंजा, 1918 से 1919 तक फैले स्पैनिश फ्लू बीमारी से 1 करोड़ 20 लाख लोगों की जान गई थी। 1948 में टीबी, 1957 से 1958 तक फैले एशियन फ्लू तो साल 2009 में स्वाइन फ्लू रूपी माहमारी ने भारत को डराया और लाखों लोगों को काल के गाल में डाल दिया। इन बीमारियों से न की भारी संख्या में लोगों की जानें गईं साथ ही आर्थिक हानि भी भारी हुई। इसके साथ ही रशियन फ्लू जिसने 1889 लेकर 1894 के बीच अपना प्रभाव दिखाया और इस बीमारी ने करीब 10 लाख लोगों को अपने चपेट में ले लिया था। लेकिन कोरोना वायरस को लेकर कहा जा रहा है कि ये बीमारी 1918 में आई स्पेनिश फ्लू से मिलती जुलती हैं। जिससे 1 करोड़ 20 लाख लोगों की जान गई थी।

स्पेनिश फ्लू क्या है और कहा से आया  ?

अमेरिका में स्पैनिश फ्लू के शुरुआती मामले मार्च 1918 में सामने आए थे। अभी की तरह उस समय दुनिया आपस में नहीं जुड़ी हुई थी। समुद्री मार्गों से ही एक देश से दूसरे देश आना-जाना होता था। फिर भी यह बीमारी काफी तेजी से फैली। तुरंत ही यह महामारी अलास्का के सुदूर इलाकों में पहुंच गई। करीब दो सालों तक इसका कहर जारी रहा। ऐसा माना जाता है कि इस बीमारी की शुरुआत सैनिकों से हुई थी। जिसको लेकर कहा जाता है कि पहला विश्वयुद्ध चल रहा था और सैनिकों के बंकरों के आसपास गंदगी की वजह से फैली इस बीमारी ने महामारी का रूप लिया और सैनिकों से अपने-अपने देश लौटने पर उनके साथ ही यह बीमारी फैल गई।

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स्पैनिश फ्लू की शुरुआत कहां से हुई, इसको लेकर इतिहासकारों का अलग-अलग विचार है। कुछ का मानना है कि फ्रांस या अमेरिका स्थिति ब्रिटिश आर्मी के बेस से इसकी शुरुआत हुई थी। हाल ही में एक नई थिअरी आई है जिसमें इसके लिए चीन को जिम्मेदार ठहराया गया है। इस थिअरी के मुताबिक, स्पैनिश फ्लू की शुरुआत साल 1917 के आखिरी हिस्से में उत्तरी चीन में हुई। वहां से यह बीमारी पश्चिमी यूरोप में फैली क्योंकि फ्रांस और ब्रिटेन की सरकारों ने मजदूरी के कामों के लिए 1 लाख से ज्यादा चीनी मजदूरों को नौकरी पर रखा था। उन मजदूरों के साथ यह बीमारी यूरोप पहुंची। और फिर महामारी का रूप ले 1 करोड़ 20 लाख लोगों की जान लेने में सफल रहा।

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