April 5, 2020

बुलंद इरादे हो तो जीतना ही है, 3 बार फेल, टॉपरों में शामिल

आपने सुना होगा, जब हम कुछ करते है और उसमें कुछ हासिल नही होता है तो लोग कहते है, छोड़ दो तुमसे नही होगा, या फिर वो कहते है मै पहले से कह रहा था कि ये पैसा को बर्बाद कर रहा है, इससे नही होगा, मतलब हौसला बढ़ाने के जगह लोग मजाक उड़ाने लगते है ये आप खुब अच्छी तरह से जानते है, ऐसी एक खबर है इंटर के छात्र अशऱफ की, है वो कहते है कि सारी दुनिया, तुमसे नहीं होगा, लेकिन दिल कहता था एक बार और कोशिश कर तू, जरूर जीतेगा। इंटर में तीन बार फेल होने के बाद परिवार-रिश्तेदार सब पढ़ने से मना करने लगे, लेकिन उसने पढ़ने की ऐसी जिद ठानी ,कि आज उसका नाम टॉपरों में शुमार है।

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जानकारी के मुताबिक मै आपसे ये जरुर कहुंगा कि जब इंसान की बुराई होने लगे तो समझना की कुछ अच्छा होने को है, ठिक ऐसे ही बिहार के कटिहार निवासी इंटर बीएन कॉलेज के छात्र अशरफ की है, वो कहते है, 2013 में 304 अंक प्राप्त कर मैट्रिक परीक्षा पास की। इसके बाद इंटर में साइंस लिया, लेकिन 2015, 2016 और फिर 2018 में फेल हो गया। उसके परिवार, मित्र रिश्तेदार सब ताना देने लगे। लेकिन अशरफ ने उनकी बातों की परवाह किए बिना मेहनत जारी रखी और 2018 में कटिहार से पटना आ गया। यहां बीएन कॉलेजिएट में संकाय बदलकर कला में दाखिला लिया। और फेल होने का धब्बा मिटाने के लिए कड़ी मेहनत शुरू की। अशरफ ने वर्ष 2020 में फिर इंटर की परीक्षा दी। मंगलवार शाम रिजल्ट घोषित हुआ तो उसे 500 में 439 अंक मिले।

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वही बताया जा रहा है कि जब अशरफ को जिले का थर्ड टॉपर होने की जानकारी दी गई, तो उसे विश्वास ही नहीं हुआ। वो टॉपरों की संख्या में शामिल है, लेकिन जब उसे बताया गया कि बिहार बोर्ड की ओर से जारी जिले के टॉपरों की सूची में उसका नाम है तो उसने राहत की सांस ली। अशरफ ने बताया कि तीन बार फेल होने के बावजूद भी उसने राहत की सांस नही ली और अपनी दिल का सुना, बाकियों के मजाक का जवाब देने के लिए वो कड़ी मेहनत की, जिसके बाद आज उनका नाम टॉपरो में तीसरा नंबर पर शामील है । वही परिवार के लोगों को इसकी खबर मिलते ही उनके घरों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी उनके परिवार वाले कहते है कि तीन बार फेल औऱ इतने मना करने के बाद लोगों के ताना सुनते हुए अशरफ ने अपनी पढाई को नही छोड़ा और आज ताना मारने वालों को उल्टा चट्ठा मारा है और उनकी बोली बंद कर दी है, इससे ये साफ साबित होता है कि जिसने ठाना उसने पाया है, ये इतिहास गवाह है ।

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