August 14, 2020

दिल्ली का ”ऐतिहासिक स्टेडियम” बिहारी एवं अन्य प्रवासियों के लिए बना ”क्वारेंटाइन सेंटर”

दिल्ली के ऐतिहासिक स्टेडियम- फिरोजाशाह कोटला स्टेडियम को अस्थाई क्वारेंटाइन सेंटर के रूप में प्रयोग किया जा रहा है।  जिसका उपयोग पिछले 3 दिनों से उत्तर प्रदेश, बिहार एवं मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूरों को रुकने के लिए और उन्हें घर भेजने के लिए बसों एवं रेलवे स्टेशनों तक पहुंचाने से पहले उनकी टेस्टिंग के लिए की जा रही है। इसके बारे रिटायर्ड क्रिकेटर कर्नल विजय भूषण ने बताया है कि इस स्टेडियम का उपयोग यहां तक कि बंटवारे के दौरान भी किसी प्रवासी के रहने के लिए नहीं किया गया था।  जबकि पहली बार ऐसा उन्होंने कुछ सुना है।

बता दे जहां कि फिरोजशाह कोटला में 2000 से 2500 मजदूरों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इस मैदान को मंगलवार को मजदूरों के अंतिम बैच के चले जाने के बाद पूरे मैदान को सैनिटाइजर किया गया।  डीडीसीए के संयुक्त सचिव राजन मनचंदा ने बताया है कि आने वाले दिनों में यहां पर और भी अधिक श्रमिकों को ठहराया जा सकता है। जिसके लिए हमें दिल्ली सरकार एवं दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा 1 दिन पहले 15 मिनट का नोटिस दिया गया था। जबकि वहां पर बेड एवं जरूरी सामान लेकर उन्हें दिन में दो बार पहुंचाया गया था।  जिसमें पहले दिन यहां पर 10 बसों से कुल 500 लोगों को लेकर आया गया। फिर शाम को 10और बसों के साथ और लोगों को लाया गया और पहले वालों को वापस भेजा गया।

स्टेडियम में इलेक्ट्रिशियन, प्लंबर इत्यादि लेकर यहां के सभी स्टाफ को ड्यूटी पर लगाया जा चुका है। इस बारे में उन्होंने बताया कि जिला क्रिकेट संघ डीडीसीए DDCA  ने पहले ही फिरोजाशाह कोटला स्टेडियम के लिए क्वॉरेंटाइन सेंटर के रूप में उपलब्ध होने की बात कही थी।  जिसके बाद मुख्यमंत्री राहत कोष में ₹5लाख एवं प्रधानमंत्री राहत कोष में 11लाख  रुपए का दान भी दिया गया है। जिसमें एसडीएम ने आकस्मिकता  के लिए प्रयोग किए जाने वाले स्थानों की लिस्ट में 10 अप्रैल को इस स्टेडियम को भी रखा था। हालाकी एसोसिएशन द्वारा ड्रेसिंग रूम एवं मैदान के सीमा को इससे बाहर रखा है।  जिसे प्रवासियों को नेट्स के आसपास का क्षेत्र दिया गया है।

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