June 2, 2020

कोरोना की दवा एवं वैक्सीन के नैदानिक ​​परीक्षण के लिए भारत के पांच अस्पतालों को चिन्हित किये गए

भारत के 5 अस्पतालों ने WHO की सॉलिडैरिटी COVID-19 का नैदानिक ​​परीक्षण करने के लिए चयन किया है।  विश्व भर में कम से कम पांच अस्पतालों का चयन एक प्रभावी COVID -19 उपचार खोजने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सॉलिडैरिटी के अंतर्गत यादृच्छिक, नियंत्रित नैदानिक ​​परीक्षणों के संचालन के लिए किया गया है।

 

विश्व भर में कम से कम पांच अस्पतालों का चयन एक प्रभावी COVID -19 उपचार खोजने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) सॉलिडैरिटी परीक्षण के अंतर्गत  यादृच्छिक, नियंत्रित नैदानिक ​​परीक्षणों के संचालन के लिए किया गया है। एक सरकारी अधिकारी ने कहा कि चार अस्पतालों को पहले ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से मंजूरी मिल चुकी है और ट्रायल शुरू हो चुके हैं।

 

बता दे कि अहमदाबाद में बीजे मेडिकल कॉलेज और सिविल अस्पताल, जोधपुर में एम्स और चेन्नई में अपोलो अस्पताल जैसे चिकित्सा संस्थान COVID -19 के चार उपचार प्रोटोकॉल पर नैदानिक ​​परीक्षण करेंगे जिसमें शामिल हैं – 1- रेमेडिसविर- Remdesivir,  2 – combination of Lopinavir and Ritonavir,  3- Hydroxychloroquine and Lopinavir and  4- Ritonavir with Interferon beta-1a.

 

डब्लूएचओ-इंडिया WHO सॉलिडेरिटी ट्रायल की राष्ट्रीय समन्वयक और महामारी विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. शीला गोडबोले, आईसीएमआर-नेशनल एड्स रिसर्च इंस्टीट्यूट ने कहा है कि ‘हम चाहते हैं कि कुल मिलाकर कम से कम 1,500 मरीज़ सभी नैदानिक ​​साइटों के लिए नामांकित हों।    जिसके लिए हमने मरीजों को पंजीकृत करना शुरू कर दिया है। अन्य देशों में भी, COVID-19 रोगियों से अधिकतम साक्ष्य प्राप्त करने के लिए रोगियों को इस परीक्षण के लिए नामांकित किया जा रहा है। ” उसने कहा कि यदि किसी रोगी को दवा का प्रतिकूल प्रभाव दिखाई देगा, तो परीक्षण को छूट दी जाएगी।

 

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