April 5, 2020

बिहारः आज से मौसम में सुधार के आसार, बारिश से गेहूं, आम और लीची की फसलों को हुआ काफी नुकसान

पटना डेस्कः- बिहार में आज से मौसम में सुधार के आसार बताया जा रहा है। बता दें आपको कि बिहार में लगातार दो से तीन दिनों से हो रही हल्की, मध्यम और तेज बारिश के कारण रबी की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। आपको बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवात के सक्रियता के कारण बीते दो से तीन दिनों तक बिहार के अधिकांश जिलों में हल्की, मध्यम और तेज बारिश हुई है। जिसके कारण फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इस बारिश के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं बारिश के कारण तापमान में भी दो से 3 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। हालांकि आज रविवार है और आज से मौसम में सुधार के आसार हैं। मौसम विभाग का कहना है कि आज के मौसम में सुधार होगा।

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वहीं आज आसमान साफ है और इस बीच बता दें आपको कि मौसम में सुधार देखने को मिल रहा है, क्योंकि धूप खिली हुई है और बारिश नहीं हो रही है। बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ एवं चक्रवात की सक्रियता के कारण बीते दो दिनों तक बिहार के अधिकांश भागों में तेज बारिश हुई। हालांकि, रविवार को मौसम में सुधार के आसार हैं। बारिश से गेहूं, आम और लीची की फसलों को काफी नुकसान हुआ। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में झारखंड से लेकर हरियाणा तक कम दबाव का क्षेत्र बना है। इसके कारण ही शनिवार को बारिश हुई। पटना में पिछले 24 घंटे में लगभग 21 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। पटना के अलावा गया, भागलपुर एवं पूर्णिया में भी बारिश हुई।

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गया में राज्य में सर्वाधिक 69 मिलीमीटर बारिश हुई। भागलपुर में 30 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। राज्य में सबसे कम पूर्णिया में 10 मिलीमीटर बारिश हुई। उस इलाके में चक्रवात का प्रभाव बहुत ही कम रहा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में चक्रवात के सक्रिय होने से राज्य में बारिश हो रही है।  शनिवार को राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 20.4 एवं न्यूनतम तापमान 18.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में आद्रता 96 फीसद दर्ज की गई। रबी मौसम शुरू होने के बाद से हर महीने बारिश के कारण किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। इन दिनों जिनती बारिश होनी चाहिए उससे सौ फीसद अधिक बारिश हुई है। इससे दलहनी एवं तेलहनी फसलें बर्बाद हो रही हैं। सरसों की खेती का भी यही हाल है। मौसम में इस बदलाव के कारण बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। सर्दी-खांसी, बुखार और पेट के रोगों में  इजाफा देखा जा रहा है।

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