April 8, 2020

पटना सिविल कोर्ट में आवश्यक मामले छोड़ सभी सुनवाई 31 मार्च तक की रद्द, मास्क पहनने के आदेश

महामारी रूपी कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जहां पूरे देश में अलर्ट जारी कर स्वास्थ्य विभाग को चौकन्ना रखा गया है। तो वहीं इसकी आशंका को देखते हुए कई बड़े कार्यक्रम रद्द किए जा चुके हैं। तो इसके डर से बिहार विधानमंडल के बजट सत्र को भी तय सीमा से 15 दिनों पहले ही समाप्त कर दिया है।

वहीं कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए पटना व्यवहार न्यायालय ने भी एहतियातन उठाया है। इसके तहत कोर्ट ने भी आगामी 31 मार्च तक अति आवश्यक मामलो को छोड़ कर सभी सुनवाइयों को रद्द करने का फैसला लिया है। कोर्ट का कहना है कि रोज दिन न्यायालय और न्यायालय परिसर में हजारो लोगों आवागमन होता है। इस बीच कौन व्यक्ति संक्रमित है और कौन नहीं है इसकी जानकारी नहीं हो पाती है और लोग एक दूसरे के संपर्क में आते है। जिससे कोरोना वायरस के संक्रमण फैलने का खतरा दिखता है।

पटना कोर्ट में चस्पा किया गया नोटिस

जिसको देखते हुए पटना कोर्ट ने 31 मार्च तक अति आवश्यक मामलो को छोड़ कर सभी सुनवाइयों को रद्द करने का फैसला लिया है। हलांकि इस बीच कोर्ट ने ये साफ किया है कि जो भी अतिआवश्यक मामले होंगे जिसकी सुनवाई होगी। जिससे जुड़े लोग कोर्ट में आएंगे। साथ ही कोर्ट ने ये भी साफ किया है कि न्यायाल में अनावश्यक लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। जिसके लिए सुरक्षा गार्ड इस पर पूरा ध्यान बनाए रहेंगे। साथ ही कोर्ट में पहुंचने वाले लोगों को मास्क के साथ ही आवश्यक सुरक्षा बरतते हुए कोर्ट में आने का आदेश दिया गया है।

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वहीं जहां एक तरफ कोर्ट ने लोगों को मास्क पहल कर कोर्ट आने का आदेश दिया है तो दूसरी तरफ सीएम नीतीश कुमार ने अपने कर्मचारियों द्वारा मास्क लगाने पर नराजगी जताई है। साथ ही सीएम ने जिलों में धारा 144 हटाने के आदेश देते हुए कहा है कि ऐसे हालत नहीं पैदा करें कि लोगों में दहशत का माहौल बने।

पटना से विक्रांत की रिपोर्ट

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