April 4, 2020

नक्सलियों की चंगुल से भागी नाबालिग ने सुनाई दर्द भरी कहानी, मेरे जिस्म को 2 सालों तक रौंदा

हम एक कहानी कहना चाहते है मै चाहता हू आप अच्छी तरह से इस कहानी रुबरु हो इस कहानी से आपको कुछ न कुछ जरुर मिलेगा, एक गांव में एक लड़की रहती थी, जो अभी बालिग भी नही हुई थी उसकी उम्र मात्र 10 वर्ष की हो रही होगी, और उसका परिवार में खुशी थी और लड़की टाइम से स्कुल जाती है और फिर टाइम से घर वापस आ जाती है, एक दिन अचानक कुछ गुंडे आते और बच्ची को जबर उसके घर से उठा ले जाते है औऱ उसके घऱ वाले कुछ नही बोलते क्यों कि उन्हें भी डर था कि कही हमें जान से न मार दे, आप सोचिए अगर आप इस जगह पर होते तो क्या करते ? मुझे लगता है आपभी वही करते जो पीड़िता के मां-बाप कर रहे थे, वो किसी की लड़की या बहन हो सकती है चाहे मेरी हो, आपकी सोचने वाली बात है चलिए हम आपको ले कर चलते है,कहनी पर दरअसल यह कहानी झारखंड़ की चाईबास से है ?

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झारखंड के कोल्हान इलाके में भाकपा माओवादियों के घृणित चेहरे को सुरक्षा बलो ने बेनकाब किया है और दो साल पहले नक्सलियों ने एक 10 साल की लड़की को अपने ग्रुप में शामिल कर लिया था बीएसएफ के जवानों ने उसको अपराधियों के चंगुल से छुड़ाया है, ये वही लड़की है जिसकी बात मै आपसे कह रहा था, लड़की की उम्र मात्र 10 वर्ष थी पीड़ित लड़की बताती है कि वो जब 10 वर्ष की था तो उसको माओवादियों ने हथियार के बल पर घर से उठा ले गये थे और लगातार 2 वर्षो तक रेप करते रहे, और पीड़िता चिल्लाती औऱ चिखती थी लेकिन बंदूक को दिखाकर उसकी बोलती बंद कर दी जाती थी, पीड़िता ने यह भी बताया कि कई बार भागने की कोशिश की लेकर अपराधी पकड़ने कामयाब हो जाते थे और भागने पर कहते थे कि तुम्हारी बहन और मां को भी उठा ले लेगें, साथ ही पीड़िता के माता पिता को भी कई प्रकार की धमकियां देते थे, लेकिन आज उसे सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के चंगुल से बाहर निकाल दिया है, ये रुह को कंपा देने वाली कहानी दरअसल एक 12 वर्ष की लड़की की है,,

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वही नाबालिक पीड़िता ने बताया कि उसने कई बार नक्सली दस्ते से भाग निकलने की कोशिश की, लेकिन हर बार उसे पकड़कर फिर से दस्ते में शामिल करा लिया गया. इसके पीछे केवल शारीरिक भूख मिटाना मकसद था, हालांकि दस्ते में रहने के कारण उसके ऊपर पुलिस में सात मामले दर्ज हो गए, वही पीड़िता के बताया कि वह माओवादी कमांडर जीवन कंडुलना दस्ते की सदस्य थी और हर समय कंडुलना के साथ ही रहती थी, नक्सली कब्जे से निकलने के बाद पीड़िता ने अपने साथ हुए यौन शोषण को लेकर कई नक्सलियों के नाम भी बताए, जिसकी तलाश अब पुलिस और सुरक्षा बल कर रहे है, वही बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले करायकेला से गिरफ्तार नक्सलियों की निशानदेही पर पुलिस और CRPF की संयुक्त टीम ने नाबालिग को माओवादियों के चंगुल से छुड़ाया, चाईबासा के एसपी इंद्रजीत महथा ने बताया कि नाबालिग पर नक्सली कांड के तहत 7 मामले दर्ज हैं

वही पुलिस ने बताया कि नाबालिक पर लगे सभी मामले को हटा कर पीड़िता को कस्तूरबा स्कूल में दाखिला कराया जाएगा, जहा से उसकी पढाई कराई जाएगी, एसपी ने यह भी बताया कि 12 साल के बच्चों का आईपीसी 83 के तहत धारा हटाया जा सकता है ठिक उसी तरह पीड़िता के उपर लगे धारा को हटा कर इसे स्कूल में दाखिला दिलवाया जाएगा

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