April 4, 2020

लॉकडाउन में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिये मुख्यमंत्री राहत कोष से 100 करोड़ रूपये जारी- नीतीश कुमार

cm nitish in delhi(file photo)

पटना डेस्कः- कोरोना महामारी से निपटने के लिए पूरे भारत में लॉक डाउन किया गया है और इस दौरान बिहार सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष से 100 करोड़ रुपए जारी किया है। इस दौरान मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि बिहार के निवासी बिहार के किसी शहर या फिर बिहार के बाहर जहां भी फंसे हैं, वहीं पर उनकी मदद की जाएगी और उनके भोजन और आवास की व्यवस्था सरकार करेगी।

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आपको बता दें कि आज यानी कि 26 मार्च (गुरुवार) को राजधानी पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास आवाज पर एक उच्चस्तरीय बैठक हुई। जिसकी अध्यक्षता खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की। इस दौरान आपको बता दें कि इस बैठक में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, जल संसाधन मंत्री, सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक गुप्तेश्वर  पांडे के अलावा तमाम अधिकारी मौजूद रहे। इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने निर्णय लेते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से पटना तथा बिहार के अन्य शहरों में जो भी रिक्शा चालक, दैनिक मजदूर इसके अलावा अन्य राज्यों के व्यक्ति जो लॉक डाउन के चलते बिहार में फंसे हुए हैं। उनके रहने और भोजन की व्यवस्था सरकार अपने स्तर पर करेगी। आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि इसी तरह बिहार के लोग जो बिहार के बाहर किसी अन्य राज्यों में काम कर रहे हैं और लॉक डाउन के कारण वहां फंस गए हैं तो उनके लिए भी राज्य सरकार काम करेगी और उनको मदद पहुंचाएगी।

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इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार सरकार अन्य राज्यों की सरकार से उनके मदद के लिए बात करेगी और उनको मदद पहुंचाई जाएगी। आपको बता दें कि इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि जो लोग कोराना महामारी के कारण हुए लॉक डाउन में फंस गए हैं उनको सरकार आपदा पीड़ित मान रही है और जैसे दूसरे आपदा के वक्त उनकी मदद की जाती है, वैसे ही उनकी मदद फिलहाल की जाएगी। आपको बता दें कि इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग को 100 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से जारी कर दिया गया है। वहीं बिहार में पटना तथा अन्य शहरों में ऐसे लोगों के लिए आपदा राहत केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे और उन जगहों पर रहने खाने-पीने की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत केंद्रों पर भी सोशल डिस्टेंस का बहुत ज्यादा ख्याल रखा जाएगा और आपदा राहत केंद्रों पर कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए चिकित्सा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

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